चाहत मेरी यही है वो दिन भी तुम दिखाओ

चाहत मेरी यही है वो दिन भी तुम दिखाओ — इस भजन में एक भक्त श्याम जी से अपने दिल की गहरी इच्छा जाहिर कर रहा है। वह चाहता है कि उसके जीवन में ऐसा समय आए जब श्याम के दर्शन हों, और उसकी भक्ति पूरी तरह से श्याम जी के अनमोल आशीर्वाद से संपूर्ण हो जाए। यह भजन हर भक्त की वह प्यारी प्रार्थना है, जब वह श्याम से अपनी जीवन की सबसे बड़ी कृपा की कामना करता है। आइए, इस भजन में डूब कर श्याम जी से अपनी चाहत को व्यक्त करें और उनके करीब जाएं।

Chahat Meri Yahi Hai Wo Din Bhi Tum Dikhao

चाहत मेरी यही है,
वो दिन भी तुम दिखाओ,
मैं लिखूं भजन तुम्हारे,
उन्हें तुम भी गुनगुनाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।1।।

ये भाव के है मोती,
जो तुम्ही से मिल रहे है,
जो नित नए भजन के,
ये फूल खिल रहे है,
जब तान कोई छेड़ूँ,
तुम सुर में सुर मिलाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।2।।

चरणों में तेरे बैठूँ,
तेरे ध्यान में रहूं मैं,
जब भी जुबां मैं खोलूं,
तेरी बात ही करूं मैं,
जब भी ये नैन छलके,
तुम आके पोंछ जाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।3।।

मांगू ना कुछ भी ऐसा,
लायक नहीं हूं जिसके,
प्रभु मैं तो ना समझ हूँ,
देना तुम ही समझ के,
चरणों में जब गिर मैं,
चरणों में जब
तुम ही मुझे उठाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।4।।

प्रभु मेरे भाव क्या है,
तुम ही समझ सकोगे,
दिल की ये बात मेरी,
आंखों में पढ़ सकोगे,
‘पंकज’ हुआ तुम्हारा,
रखो या भूल जाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।5।।

चाहत मेरी यही है,
वो दिन भी तुम दिखाओ,
मैं लिखूं भजन तुम्हारे,
उन्हें तुम भी गुनगुनाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।।6।।

श्याम जी का प्रेम और कृपा अनंत हैं, और यह भजन उनकी उस कृपाशीलता को दर्शाता है, जो हम सभी पर बरसती रहती है। अगर आपके दिल में भी श्याम जी के प्रति कोई गहरी चाहत हो, तो तू हारे का सहारा है हाँ मैंने भी पुकारा है, तेरे बगैर सांवरे मेरा कोई नहीं और जो भी मुझे मिला है तेरे दर से ही मिला है जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और श्याम के आशीर्वाद से अपने जीवन को धन्य बनाएं। जय श्री श्याम! ????????

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