मेरे बांके बिहारी मैं तेरे दर्शन को आया हूँ

मेरे बांके बिहारी, मैं तेरे दर्शन को आया हूँ — यह भजन भक्त और ठाकुर जी के बीच के प्रेम और श्रद्धा को दर्शाता है। जब भक्त अपनी समस्त भावनाएँ प्रभु के चरणों में अर्पित करता है, तो वह परमानंद की अनुभूति करता है। यह भजन श्री बांके बिहारी जी के दिव्य दर्शन की लालसा और उनके प्रति अनन्य प्रेम को दर्शाता है। आइए, इस मधुर भजन के माध्यम से अपनी भक्ति को और प्रगाढ़ करें।

Mere Banke Bihari Mai Tere Darshan Ko Aaya Hu

मेरे बांके बिहारी मैं,
तेरे दर्शन को आया हूँ,
संग आंखों में आंसू लिए,
मैं तुझसे मिलने आया हूँ।।1।।

जैसा भी हूं मै,
तेरी कृपा है,
तेरी दया सांवरे,
तेरी दया सांवरे,
बस इतना करना,
चरणों में रखना,
भूल न जाना मुझे,
भूल न जाना मुझे,
तेरी रहमतों से ही चलता,
मेरा कारवां,
मेरे बाँके बिहारी मैं,
तेरे दर्शन को आया हूँ।।2।।

जब तक है सांसे,
तुमको ही पुजुँ,
देखूं तुम्हें सांवरे,
देखूं तुम्हें सांवरे,
मेरे कन्हैया मेरे खिवैया,
रहना सदा तुम मेरे,
रहना सदा तुम मेरे,
तेरी ही लगन में मगन है,
यह जीवन मेरा,
मेरे बाँके बिहारी मैं,
तेरे दर्शन को आया हूँ।।3।।

मेरे बांके बिहारी मैं,
तेरे दर्शन को आया हूँ,
संग आंखों में आंसू लिए,
मैं तुझसे मिलने आया हूँ।।4।।

बांके बिहारी जी के दर्शन मात्र से मन को असीम शांति और आनंद प्राप्त होता है। जो भी सच्चे मन से ठाकुर जी के चरणों में झुकता है, उसकी झोली कृपा से भर जाती है। यदि यह भजन आपके हृदय में भक्ति की लहरें जगा गया हो, तो श्री बांके बिहारी लाल श्री राधावर माधव हरे, नैनो की प्यास बुझा दे रे मेरे बांके बिहारी और मेरो मन वृंदावन में अटको जैसे अन्य भजनों को भी करें और ठाकुर जी की महिमा का गुणगान करें। जय श्री बांके बिहारी लाल! ????????

Leave a comment