चिठियाँ नी ओंदियाँ —यह भजन भक्त के उस भाव को दर्शाता है जब वह श्याम बाबा से अपनी विरह वेदना व्यक्त करता है। जब मन श्याम प्रेम में खो जाता है और उनसे मिलने की तड़प बढ़ जाती है, तब यह भजन हृदय को गहराई से छू लेता है। भक्त प्रभु से यह प्रश्न करता है कि उसकी भेजी हुई भावनाओं और अरदासों का उत्तर क्यों नहीं आता।
Chitthiiyan Ni Aundiya
चिठियाँ नी ओंदियाँ,
ओ मेनू तेरी चिठियां नी ओंदियां,
ग्यारस में याद तेरी सताती रही,
ग्यारस में याद तेरी सताती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही।।1।।
सबको तूने दिया बुलावा,
सारे पहुँच गए खाटू,
मुझको तू बस ये बता दे,
तुझ बिन दिन कैसे काटूं,
रोते हुए दिल को मनाती रही,
रोते हुए दिल को मनाती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही।।2।।
ग्यारस आई सजा है खाटू,
मेरा दिल वीरान है,
श्याम का प्रेमी क्यों रो रहा है,
दुनिया ये हैरान है,
फिर भी ये मूरत तेरी सजाती रही,
फिर भी ये मूरत तेरी सजाती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही।।3।।
तेरे दर की प्यारी झांकी,
दुनिया में मशहूर है,
मुझको इससे दूर क्यों रखा,
मेरा क्या कसूर है,
‘कन्हैया’ मैं तेरा शुकर मनाती रही,
‘कन्हैया’ मैं तेरा शुकर मनाती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही।।4।।
चिठियाँ नी ओंदियाँ,
ओ मेनू तेरी चिठियां नी ओंदियां,
ग्यारस में याद तेरी सताती रही,
ग्यारस में याद तेरी सताती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही,
सारी रात तेरी याद मुझे आती रही।।5।।
श्याम बाबा हमेशा अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं, बस हमें सच्चे मन से उन्हें याद करना होता है। यदि यह भजन आपके हृदय को छू गया, तो आजा मेरे सांवरिया देखूं मैं राह तेरी , बुलावे म्हारो सांवरो और तेरा प्रेमी बाबा तुझे बुलाए आजा सांवरिया जैसे भजनों को भी अवश्य करें और अपने मन को श्याम भक्ति में रंग लें। जय श्री श्याम! ????????✨