जीमो जीमो जी सांवरिया सरकार जिमावे थारा टाबरिया —यह भजन श्याम बाबा की कृपा और वात्सल्य भाव को दर्शाता है। श्री श्याम अपने भक्तों को संतान के समान मानते हैं और प्रेमपूर्वक उनकी हर आवश्यकता को पूरा करते हैं। यह भजन भक्त और भगवान के बीच के आत्मीय संबंध को दर्शाता है, जहाँ भक्त अपने आराध्य से प्रेमपूर्ण आग्रह करता है कि हे सांवरिया, हमें अपने कृपा प्रसाद से तृप्त करो।
Jimo Jimo Ji Sawariya Sarkar Jimave Thara Tabariya
जीमो जीमो जी सांवरिया सरकार,
जिमावे थारा टाबरिया।1।
छप्पन भोग छतीसी मेवा,
धरयो चूरमो खीर,
बेगा आकर भोग लगा जा,
मनडो हुयो अधीर,
थारी घणी रे करा जी मनुहार,
जिमावे थारा टाबरिया।।2।।
पर्दा करके पंखा डोला,
जद थे भोग लगाओ,
क्यों शरमाओ सांवरिया थे,
काहे वार लगाओ,
ऐड़ी ठा ठा के निहारा थारी बाट,
जिमावे थारा टाबरिया।।3।।
‘अभि’ की झोपड़ियां मे भी,
आजा इक ब श्याम,
रूखा सूखा धरया जो घर में,
चख जा इक ब श्याम,
खुलजै सोयाडा रा बाबा म्हारा भाग,
जिमावे थारा टाबरिया।।4।।
करे ‘अर्चना संजू’ थारी,
श्याम पधारो आप,
लीले चढ़ कर जद आवलो,
सर पे धरोगा हाथ,
म्हारा तर जावे सारा परिवार,
जिमावे थारा टाबरिया।।5।।
जीमो जीमो जी सांवरिया सरकार,
जिमावे थारा टाबरिया।।6।।
श्याम बाबा अपने भक्तों का कभी साथ नहीं छोड़ते, वे हमेशा उनकी झोली कृपा से भर देते हैं। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो मेरा जनम सफल कर दो श्याम , तेरे ही बदौलत सांवरे परिवार है मेरा , और मेरो मन वृंदावन में अटको जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨