सुख मिलता है श्याम भजन से, श्यामधणी को रिझालो रे —यह भजन श्याम बाबा की भक्ति में लीन होने के आनंद और उनकी कृपा प्राप्ति का महत्व दर्शाता है। जब कोई भक्त सच्चे मन से श्याम नाम का कीर्तन करता है, तो उसे आत्मिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है। यह भजन हमें श्याम भक्ति में रमने और अपने प्रिय सांवरे को प्रेम से रिझाने की प्रेरणा देता है।
Sukh Milta Hai Shyam Bhajan Se Shyamghani Ko Rijhalo Re
सुख मिलता है श्याम भजन से,
श्यामधणी को रिझालो रे,
ऐसा आनंद कहीं न मिलता,
सच्चे मन से मनालो रे।।1।।
यूं तो चिंताएं है कितनी,
जीवन के कई मोड़ रे,
एक पल का भरोसा नहीं है,
मन करे कई होड़ रे,
मन करे कई होड़ रे,
वक्त के रहते श्याम को पालो,
अंतर्मन को जगा लो रे,
सुख मिलता हैं श्याम भजन से,
श्यामधणी को रिझालो रे।।2।।
श्याम सा साथी मिल जाए तो,
परवाह नही किसी और की,
सारे काज ये सफल बनाए,
विपदा हो चाहे ज़ोर की,
विपदा हो चाहे ज़ोर की,
लेख लिखे भी श्याम मिटा दे,
श्याम को अपना बना लो रे,
सुख मिलता हैं श्याम भजन से,
श्यामधणी को रिझालो रे।।3।।
श्याम भजन से तन मन झूमे,
श्याम से लौ लग जाए रे,
श्याम नाम को जो भी भजता,
किस्मत वो जग जाए रे,
राकेश ऐसा मौका न चूको,
श्याम के गुण सब गा लो रे,
सुख मिलता हैं श्याम भजन से,
श्यामधणी को रिझालो रे।।4।।
सुख मिलता है श्याम भजन से,
श्यामधणी को रिझालो रे,
ऐसा आनंद कहीं न मिलता,
सच्चे मन से मनालो रे।।5।।
श्याम बाबा अपने प्रेमी भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होते हैं और उन पर अपनी कृपा की वर्षा करते हैं। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो श्याम की सेवा मिले और कुछ मिले ना मिले , तेरे दरबार आए हैं, जहाँ से हार आए हैं ,और तू टेंशन मत ले यार, सांवरिया देख रहा जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨