खाटू वाले श्याम धनी कब धाम बुलावेगो

खाटू वाले श्याम धनी, कब धाम बुलावेगो —यह भजन भक्त के मन की व्याकुलता और श्याम बाबा के धाम जाने की अभिलाषा को दर्शाता है। हर भक्त अपने आराध्य के दर्शन और उनके पावन धाम की यात्रा का सपना देखता है। यह भजन श्रद्धालुओं की उसी तड़प और प्रेम को प्रकट करता है, जो उन्हें बार-बार खाटू नगरी की ओर खींचता है।

Khatu Wale Shyam Dhani Kab Dham Bulavego

खाटू वाले श्याम धनी,
कब धाम बुलावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।1।।

बलहारी तेरी अलकन पे,
केसर मोती के झलकन पे,
खाटूश्याम हमारे,
बिगड़े काम बनावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।2।।

तन-मन-धन तीनों से हारो,
हारे कूं अब देओं सहारो,
बन के खेवैया नैया मेरी,
पार लगावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।3।।

ध्रुव प्रहलाद भक्त तैने तारे,
दर्शन की अभिलाषा प्यारे,
आ करके मेरे जीवन की,
ज्योत जलावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।4।।

आजा आजा ओ मेरे खाटू,
हार गयो दिन गिन-गिन काटू,
बनवारी भी ब्रज-मंडल में,
धूम मचावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।5।।

खाटू वाले श्याम धनी,
कब धाम बुलावेगो,
ओ सांवरे,
हमारे घर कब आवेगो।।6।।

श्याम बाबा अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं और जब सही समय आता है, तो उन्हें अपने धाम बुलाते हैं। जो भी श्रद्धा से खाटू नरेश का स्मरण करता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो हमें भी खाटू जाना है , बैठे बैठे खाटू में ओ सांवरे , और बुलावे म्हारो सांवरो जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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