दरबार मेरे श्याम का सबको बुला रहा

श्रीश्याम का दरबार प्रेम, भक्ति और कृपा का अनमोल संगम है, जहाँ हर भक्त को शरण मिलती है। कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता, क्योंकि श्यामसुंदर की दया सब पर समान रूप से बरसती है। भजन दरबार मेरे श्याम का सबको बुला रहा इसी दिव्य बुलावे को प्रकट करता है, जहाँ भक्तों को प्रेमपूर्वक अपने आराध्य के चरणों में समर्पण करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। आइए, इस भजन के माध्यम से श्रीश्याम के दरबार की महिमा को अनुभव करें।

Darbar Mere Shyam Ka Sabko Bula Raha Lyrics

दरबार मेरे श्याम का,
सबको बुला रहा,
किस्मत में जिनके श्याम है,
बस वो ही आ रहा,
दरबार मेरें श्याम का,
सबको बुला रहा।।1।।

बैठा है मेरा साँवरा,
भंडार खोलकर,
गिनकर नहीं ये दे रहा,
और ना ही तौलकर,
जिसमें है जितनी भावना,
उतना वो पा रहा,
दरबार मेरें श्याम का,
सबको बुला रहा।।2।।

जिसने भी सच्चे भाव से,
इनको रिझा लिया,
चरणों में मेरें श्याम के,
सर को झुका लिया,
नजदीक ‘पुष्प’ श्याम के,
आता वो जा रहा,
दरबार मेरें श्याम का,
सबको बुला रहा।।3।।

खाटू में बैठ साँवरा,
सबपे रखे नज़र,
खुशियों की अपने दास को,
देता सदा ख़बर,
किरपा से श्याम की ‘किशन’,
सब कुछ है पा रहा,
दरबार मेरें श्याम का,
सबको बुला रहा।।4।।

दरबार मेरे श्याम का,
सबको बुला रहा,
किस्मत में जिनके श्याम है,
बस वो ही आ रहा,
दरबार मेरें श्याम का,
सबको बुला रहा।।5।।

श्यामसुंदर का दरबार प्रेम और कृपा का महासागर है, जहाँ हर भक्त को आत्मिक शांति और सच्चा सुख मिलता है। जो भी उनके शरणागत होता है, उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे दर दर भटकने वाले, बाबा से दिल लगाले , दिल श्याम धणी पे डोला दीदार के लिए , सांचा तेरा नाम, तू ही बनाए बिगड़े काम और देखो रे पहली बार श्याम प्रभु जी भर कर रोये , जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और अधिक प्रगाढ़ हो जाए। ????????

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