दर दर भटकने वाले बाबा से दिल लगाले

इस संसार में कई लोग भटकते रहते हैं, सुख और शांति की तलाश में दर-दर जाते हैं, लेकिन सच्चा आनंद तो केवल श्रीकृष्ण की भक्ति में ही मिलता है। भजन दर दर भटकने वाले, बाबा से दिल लगाले इसी गहरे सत्य को प्रकट करता है कि जब हम अपना हृदय श्रीश्याम के चरणों में समर्पित कर देते हैं, तो सारी भटकन समाप्त हो जाती है। आइए, इस भजन के माध्यम से प्रभु के प्रति अपने प्रेम और श्रद्धा को और प्रगाढ़ करें।

Dar Dar Bhatakne Wale Baba Se Dil Laga Le Lyrics

दर दर भटकने वाले,
बाबा से दिल लगाले,
जीवन की नाव अपनी,
जीवन की नाव अपनी,
कर श्याम के हवाले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।1।।

दर दर पे भटकने से,
कुछ भी नही मिलेगा,
जख्मों पे तेरे मरहम,
बस श्याम ही मलेगा,
आकर दिखा प्रभु को,
आकर दिखा प्रभु को,
अपने जिगर के छाले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।2।।

सुख की घड़ी में तुझको,
सब बाहों मे भरेंगे,
दुख की घड़ी में तुझसे,
सब फासला करेंगे,
मौका परस्त है ये,
मौका परस्त है ये,
सारे जमाने वाले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।3।।

इनकी शरण में आकर,
महफूज तुम रहोगे,
इनकी कृपा को पाकर,
मजबूत तुम रहोगे,
ये सौ कदम बढ़ेगा,
तू दो कदम बढ़ा ले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।4।।

‘माधव’ जरा संभल जा,
दुनिया बड़ी बुरी है,
लब पे शहद है इनके,
और हाथ में छुरी है,
चेहरे के साफ जितने,
चेहरे के साफ जितने,
उतने ही मन के काले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।5।।

दर दर भटकने वाले,
बाबा से दिल लगाले,
जीवन की नाव अपनी,
जीवन की नाव अपनी,
कर श्याम के हवाले,
दर दर भटकने वालें,
बाबा से दिल लगाले।।6।।

जो भी श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो जाता है, उसे फिर कहीं और भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। उनकी कृपा से जीवन में शांति और आनंद का संचार होता है। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे दिल श्याम धणी पे डोला दीदार के लिए , सांचा तेरा नाम, तू ही बनाए बिगड़े काम , देखो रे पहली बार श्याम प्रभु जी भर कर रोये और मैं तेरे बिन कुछ भी नहीं , जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और अधिक गहरी हो जाए। ????????

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