जब मन पूरी तरह श्रीकृष्ण की भक्ति में डूब जाता है, तो हृदय में अनकही बातें उमड़ने लगती हैं, जिन्हें केवल कृष्ण ही समझ सकते हैं। भजन हो जाए तुमसे दिल की बातें इसी गहरे आत्मीय संबंध को व्यक्त करता है, जहाँ भक्त अपने प्रिय सांवरिया से मन की हर पीड़ा और प्रेम को साझा करने की चाह रखता है। यह भजन हमें प्रभु से अपने अंतरंग संवाद का अनुभव कराता है, जहाँ शब्द नहीं, केवल भाव बोलते हैं।
Ho Jaye Tumse Dil Ki Baatein
हो जाए तुमसे दिल की बातें,
कट जाए सारी दुःख की रातें,
जब जब प्रेम से बाबा,
हमसे नैन मिलाते हो,
तुम धीर बंधाते हो,
हमको राह दिखाते हो,
हारे सहारे श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम,
हो शीश के दानी श्याम,
कलयुग अवतारी श्याम।।1।।
खाटू बुलाया जब जब तूने,
मन में ज्योति जली है,
तेरी कृपा से इस जग में,
मुझे सच्ची राह मिली है,
जब जब हिम्मत हारूं,
जब जब हिम्मत हारूं,
उंगली पकड़ चलाते हो,
तुम धीर बंधाते हो,
हमको राह दिखाते हो,
हारे सहारे श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम,
हो शीश के दानी श्याम,
कलयुग अवतारी श्याम।।2।।
श्याम दर्शन से तेरे,
हिम्मत मिलती,
मिलता तेरा सहारा है,
तेरी राह पे चलने वाला,
कभी ना हिम्मत हारा है,
मन के हारे हार है तेरी,
मन के हारे हार है तेरी,
सबक सिखाते हो,
तुम धीर बंधाते हो,
हमको राह दिखाते हो,
हारे सहारे श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम,
हो शीश के दानी श्याम,
कलयुग अवतारी श्याम।।3।।
नाम तुम्हारा लेकर जब जब,
कोई काम किया है,
श्याम तुम्हारी किरपा ने,
अच्छा परिणाम दिया है,
‘रोमी’ जैसे नालायक को,
रोमी जैसे नालायक को,
गले लगाते हो,
तुम धीर बंधाते हो,
हमको राह दिखाते हो,
हारे सहारे श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम,
हो शीश के दानी श्याम,
कलयुग अवतारी श्याम।।4।।
हो जाए तुमसे दिल की बातें,
कट जाए सारी दुःख की रातें,
जब जब प्रेम से बाबा,
हमसे नैन मिलाते हो,
तुम धीर बंधाते हो,
हमको राह दिखाते हो,
हारे सहारे श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम,
हो शीश के दानी श्याम,
कलयुग अवतारी श्याम।।5।।
श्रीकृष्ण से मन की बातें करना ही सच्ची भक्ति है, क्योंकि वे हमारे हर भाव, हर पीड़ा, और हर प्रेम को बिना कहे ही समझ लेते हैं। उनकी भक्ति से जुड़कर हमें आत्मिक शांति और आनंद की प्राप्ति होती है। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे मैं दास गरीब हूँ सांवरिया, कभी मेरे घर भी आ जाना , तेरी दया से चलता गुजारा बाबा हमारा ,लेकर तुम चिंताएं मेरी रख लो अपने पास और एक बार भेज बुलावो खाटू आणो चाहूं मैं , जिससे श्रीकृष्ण की कृपा हम पर सदैव बनी रहे। ????????