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म्हारी सीता रो वर राम लाडो फुटरो घणो लिरिक्स

म्हारी सीता रो वर राम लाडो फुटरो घणो भजन राजस्थान की लोक परंपरा से जुड़ा एक लोकप्रिय भजन है, जिसमें श्रीराम और सीताजी के बीच के प्रेम और समर्पण को खूबसूरत तरीके से दर्शाया गया है। इस भजन में सीता माता के लिए भगवान राम की गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त किया गया है। यह भजन न केवल भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा की भावना को बढ़ाता है, बल्कि राजस्थान के लोक संगीत की सजीवता को भी प्रकट करता है, जो आज भी हर दिल में राम नाम की धुन को गूंजता है।

Mhari Sita Ro Var Ram Lado Phutro Gharo Lyrics

म्हारी सीता रो वर राम,
लाडो फुटरो घणो,
फुटरो घणो रे बालो,
सोवणो घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।1।

शील रो स्वभाव रो तो,
सूझलो घणो,
चांद सूरज भी लाजा मारे,
उजलो घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।2।

मंद मुस्कन सू मुलके बालो,
मीठो ही घणो,
इन बनडा़ री बोली माही,
प्रेम है घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।3।

कोमल कोमल अंग बन्ना को,
फूलिया सू घणो,
बीच सभा में धनवो तोड़यो,
शूरमो घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।4।

छोटा मोटा सब प्राणिया रो,
प्यारो है घणो,
गावे चारों वेद जगत सू,
न्यारो है घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।5।

एक बार ही देखया चित में,
चढ़ जावे घणो,
ऐसो कामणगारो बनडो़,
चोखो है घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।6।

म्हारी सीता रो वर राम,
लाडो फुटरो घणो,
फुटरो घणो रे बालो,
सोवणो घणो,
म्हारी सीता रों वर राम,
लाडो फुटरो घणो।7।

म्हारी सीता रो वर राम लाडो फुटरो घणो भजन में सीताजी के प्रति भगवान राम के प्रेम का अद्भुत चित्रण किया गया है, जो हमें उनके प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना से भर देता है। जैसे राम नाम प्यारा है राम नाम गा एजा में राम के नाम के महत्व को बताया जाता है, वैसे ही इस भजन में भी श्रीराम और सीताजी के प्रेम को प्रतिविम्बित किया गया है। राम वन को जायेंगे तो हम भी संग में जायेंगे भजन में भी श्रीराम के साथ हर एक भक्त के रास्ते का कनेक्शन बताया जाता है। राम की भक्ति और सीता के प्रति उनका प्रेम हमें आत्मसमर्पण और संतोष का मार्ग दिखाता है। जय श्रीराम!

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