क्या सुख पायो रे राम को विसार के एक भक्ति गीत है जो हमें यह समझाता है कि राम के बिना जीवन में कोई सच्चा सुख नहीं है। इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान राम के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा को व्यक्त करते हैं। इस भजन का मुख्य संदेश है कि जब हम राम को अपनी ज़िन्दगी से विसार देते हैं, तो हम अपना सबसे बड़ा सुख खो देते हैं। राम की शरण में ही असली सुख, शांति और संतोष है। यह भजन भक्तों को प्रेरित करता है कि वे राम को हमेशा अपने दिल में बसाए रखें और जीवन के हर पल में उनकी भक्ति करें।
Vishayo Me fans ke chala jiti Baji Har Ke
क्या सुख पायो रे,
राम को विसार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के।1।
बचपन की आयु तूने,
खेल में गंवाई रे,
आई जवानी लागे,
प्यारी घर की नारी रे,
वक्त बुढ़ापा रोया,
वक्त बुढ़ापा रोया,
फिर आहे मार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के।2।
सारी उम्र का स्टाम्प,
किसी ने लिखाया नहीं,
जाना है आखिर सबने,
अमर फल खाया नहीं,
जाना असल घर अपने,
जाना असल घर अपने,
आप तू सुधार रे,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के।3।
आम मिलेंगे कहां से,
कीकर जो बोएगा,
धर्मराज लेखा मांगे,
सिर फोढ रोयेगा,
अब भी गुण गा ले प्रेम,
अब भी गुण गा ले प्रेम
कृष्ण मुरार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के।4।
क्या सुख पायो रे,
राम को विसार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के,
विषयों में फस के चला,
जीती बाजी हार के।5।
क्या सुख पायो रे राम को विसार के भजन हमें यह समझाता है कि जब हम श्रीराम को भूल जाते हैं या उनके साथ अपनी आत्मा का संबंध खो देते हैं, तो हम असल सुख और शांति से वंचित हो जाते हैं। जैसे कि राम नाम की महिमा और राम का नाम है प्यारा जैसे भजन हमें राम के साथ जीवन बिताने की महत्ता सिखाते हैं, वैसे ही यह भजन हमें यह एहसास दिलाता है कि राम के बिना कोई सुख नहीं है। जब हम राम के साथ अपने जीवन को जोड़ते हैं, तब ही हम सच्चे सुख को प्राप्त करते हैं। राम की भक्ति में समर्पण ही असली सुख का रास्ता है। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile