राम अयोध्या आए है घर घर में देखो फिर भगवा लहराया भजन भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी को व्यक्त करता है। यह भजन उस अद्भुत क्षण की याद दिलाता है जब श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटकर राजा के रूप में राज्य किया। इस भजन में यह संदेश है कि श्रीराम के आने से न सिर्फ अयोध्या, बल्कि सम्पूर्ण भारत में एक नई आस्था और शक्ति का संचार हुआ। घर-घर में भगवा रंग की लहरों के साथ राम की महिमा का जयकारा होता है, जो पूरे देश में उत्साह और खुशी की लहर को उत्पन्न करता है।
Ram Ayodhya Aaye Hai Ghar Ghar Men Dekho Phir Bhagva Lahraya
घर घर में देखो फिर,
भगवा लहराया,
भारत में दोबारा,
राम राज आया,
घर घर दीप जलाओ,
रंगों की करो वर्षा,
500 वर्षों से था मन,
इस दिन के लिए तरसा,
राम अयोध्या आए हैं।1।
भरत लखन शत्रुघ्न तीनों,
आज महल में आए है,
हनुमान जी मां सीता के,
चरणों में शीश झुकाए है,
राजतिलक की तैयारी,
हो गई है पूरी,
बरसों से जो गाथा थी,
सुनी अधूरी,
घर घर दीप जलाओ,
रंगों की करो वर्षा,
500 वर्षों से था मन,
इस दिन के लिए तरसा,
राम अयोध्या आए हैं।2।
आए राम जब अवधपुरी तो,
भारत का अभिमान बड़ा,
हर हिंदू की छाती छप्पन,
हिंदू का सम्मान बड़ा,
दुनिया ने देख लिया,
राम का नजारा,
धरती पर झूम उठा,
आसमान सारा,
घर घर दीप जलाओ,
रंगों की करो वर्षा,
500 वर्षों से था मन,
इस दिन के लिए तरसा,
राम अयोध्या आए हैं।3।
राम प्रभु के सेवक ने,
सेवक का फर्ज निभाया है,
जहां थी खाई कसम राम की,
मंदिर वही बनाया है,
उत्सव ये इतना बड़ा,
इतिहास रचाएगा,
बच्चा बच्चा भारत का,
मंदिर को सजाएगा,
घर घर दीप जलाओ,
रंगों की करो वर्षा,
500 वर्षों से था मन,
इस दिन के लिए तरसा,
राम अयोध्या आए हैं।4।
घर घर में देखो फिर,
भगवा लहराया,
भारत में दोबारा,
राम राज आया,
घर घर दीप जलाओ,
रंगों की करो वर्षा,
500 वर्षों से था मन,
इस दिन के लिए तरसा,
राम अयोध्या आए हैं।5।
राम अयोध्या आए है घर घर में देखो फिर भगवा लहराया भजन ने पूरे अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की जबरदस्त भावना को प्रदर्शित किया है। जैसे राम राज ये आ गया और अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई भजन में राम के आशीर्वाद से दुनिया का बदलाव दिखाया गया है, वैसे ही इस भजन में श्रीराम के आगमन के बाद के हर्ष और उल्लास को महसूस किया जा सकता है। यह भजन राम के राज्य के प्रतीक के रूप में उनका स्वागत और उनके आदर्शों के प्रति श्रद्धा को प्रदर्शित करता है। श्रीराम के भजन सुनने और गाने से आत्मा को शांति और सुकून मिलता है। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile