गुरु देव जी के गीत हमें राष्ट्र प्रेम, जागरूकता और कर्तव्यपरायणता की भावना से जोड़ते हैं। जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा गीत हमें यह सिखाता है कि जब समाज और राष्ट्र अपने मूल्यों को पहचानकर जागृत होता है, तभी वह उन्नति के मार्ग पर बढ़ता है। जब हम इसे पढ़ते या करते हैं, तो हमारे भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित होती है और हम राष्ट्रहित में अपने योगदान को समझ पाते हैं।
Jis Din Soya Rastra Jagega
जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा,
दिस दिस फैला तमस हटेगा।।1।।
भारत विश्व बंधु का गायक,
भारत मानवता का नायक,
सदियों से था युगों रहेगा,
दिस दिस फैला तमस हटेगा।।2।।
वैभवशाली जब हम होंगे,
नहीं किसी से हम कम होंगे,
क्यों ना फिर गन्तव्य मिलेगा,
दिस दिस फैला तमस हटेगा।।3।।
हम सबकी तो राह एक है,
कोटि ह्रदय और भाव एक है,
बात हमारी विश्व सुनेगा,
दिस दिस फैला तमस हटेगा।।4।।
जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा,
दिस दिस फैला तमस हटेगा।।5।।
जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा गीत हमें यह प्रेरणा देता है कि अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए हम देश और समाज के विकास में योगदान दें। यदि यह गीत आपके मन को छू गया हो, तो Parakrami Adhya Likhenge Le Dridhta Se Than Jay Jay Hindustan, Man Kahe Ruk Ja Re Ruk Ja Yah Hasin Hai Jamin, Mil Kaho Garv Se Hindu Hai Hum Yah Hindustan Hamara जैसे अन्य गीतों को भी पढ़ें और राष्ट्रभक्ति की भावना को और प्रबल करें। 🙏✨