अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की दिव्य लीलाओं की पावन भूमि है। धाम अयोध्या जैसा ना हुआ, कहीं ना होगा भजन हमें यह स्मरण कराता है कि यह नगरी अनादि काल से भक्तों की आस्था का केंद्र रही है। इस पवित्र धाम की महिमा अपरंपार है, जहां हर कण-कण में श्रीराम का वास है और हर दिशा में राम नाम की गूंज सुनाई देती है। यह भजन हमें अयोध्या के अद्भुत गौरव से जोड़ता है और हमें वहां जाने का सौभाग्य प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।
Dham Ayodhya Jaisa Na Hua Kahi Na Hoga
दुनिया में होंगे नाम बहुत,
इस जग में होंगे काम बहुत,
ना जाने क्या क्या होगा,
पर धाम अयोध्या जैसा,
ना हुआ कहीं ना होगा।1।
पवित्र पावन पूरी अयोध्या,
सरयू के किनारे है,
अपनी आवाज लिए चमकते,
सूरज चांद सितारे है,
प्रभु जन्मभूमि अति पावन,
बना मंदिर जहां मनभावन,
ना जाने क्या क्या होगा,
पर धाम अयोंध्या जैसा,
ना हुआ कहीं ना होगा।2।
राम नाम धुन गूंज रही है,
धरती और अंबर से,
राम नाम की लूट मची जहां,
राम नाम का रस बरसे,
जहां प्रीत राम से गहरी है,
हनुमान वहां के पहरी है,
ना जाने क्या क्या होगा,
पर धाम अयोंध्या जैसा,
ना हुआ कहीं ना होगा।3।
जहां कोयल अपने पंचम सुर में,
गीत राम के गाती है,
धीरज धरके सूर्य की किरणें,
चमन के फूल खिलाती है,
रघुकुल के जो रघुनायक है,
हर जन-जन के जननायक है,
ना जाने क्या क्या होगा,
पर धाम अयोंध्या जैसा,
ना हुआ कहीं ना होगा।4।
दुनिया में होंगे नाम बहुत,
इस जग में होंगे काम बहुत,
ना जाने क्या क्या होगा,
पर धाम अयोध्या जैसा,
ना हुआ कहीं ना होगा।5।
अयोध्या की महिमा अपार है, और यह भजन हमें उसी पवित्रता और आनंद की अनुभूति कराता है। धाम अयोध्या जैसा ना हुआ, कहीं ना होगा की भक्ति में रमकर, हम अपने मन को श्रीराम की भक्ति में डुबो सकते हैं। ऐसे ही और भक्तिमय भजनों अवध में आए मेरे राम बधाई सारे भक्तों को, लौट आए सियाराम अयोध्या जय बोलो सियावर राम की, आज अयोध्या नगरी में मची धूम बड़ी भारी, आये अवध में रघुराई सब बांटो बधाई को करें और प्रभु श्रीराम के दिव्य चरणों में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करें। जय श्री राम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile