जब धरती पर अधर्म का नाश होता है और सत्य की विजय होती है, तब संपूर्ण सृष्टि आनंदमय हो जाती है। बन गया है अवध में राम दरबार भजन हमें उस पावन क्षण की याद दिलाता है जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अयोध्या लौटकर अपने दरबार को धर्म, न्याय और भक्ति का केंद्र बना दिया। यह दरबार केवल राजसत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और सत्य की छवि है। यह भजन हमें रामराज्य की उस अद्भुत झलक का अनुभव कराता है, जहां हर व्यक्ति सुखी और संतुष्ट है।
Ban Gaya Hai Avadh Me Ram Darbar
बन गया है अवध में राम दरबार,
आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार,
इंतजार, आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार।1।
जब तक बना ना मंदिर,
मन में ना चैन था,
ना था सुख ही न थी खुशियां,
ना ही दिल में सुकून था,
अब जो बना है मन्दिर,
हर हिन्दू कह रहा,
हो गया है अंत देखो,
राम के वनवास का,
आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार,
इंतजार, आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार।2।
गूंज रही है धरती,
जयकारो से राम की,
हर एक लबों पे चर्चा,
अयोध्या धाम की,
आई घड़ी सुहानी,
विराजे है राम जी,
आ गया है अब समय ये,
राम के राज्य का,
आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार,
इंतजार, आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार।3।
जब तक रहेगी धरती,
मन्दिर अटल रहेगा,
सारे जगत में एक रंग,
भगवा ही भगवा दिखेगा,
करती रहेगी दुनिया,
भक्ति श्री राम की,
विश्व भर में बज रहा है,
डंका मेरे राम का,
आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार,
इंतजार, आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार।4।
बन गया है अवध में राम दरबार,
आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार,
इंतजार, आ गया है,
पल जिसका था इन्तजार।5।
अवध में जब श्रीराम का दरबार सजा, तब केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि आनंदित हो उठी। यह भजन हमें उस दिव्य अनुभूति से जोड़ता है, जहां भगवान राम अपने भक्तों को प्रेम और कृपा से निहाल कर रहे हैं। यदि यह भजन आपके हृदय को भक्ति से भर गया हो, तो आप राम राज्य आया रे देखो, अयोध्या के राजा राम अयोध्या में आ गए, अवधपुरी में दीप जले है सिया संग मेरे राम चले हैं, और जन जन में श्रीराम बसे संग पवन पुत्र हनुमान में जैसे अन्य भजन और लेख भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile