भगवान श्रीराम का बाल रूप हर भक्त के हृदय को आनंद से भर देता है। खेले राम लला रघुराई दशरथ जी के अंगना में भजन में प्रभु श्रीराम के बचपन की मधुर लीलाओं का वर्णन किया गया है। अयोध्या के महाराज दशरथ के आंगन में जब रामलला ने बाल क्रीड़ाएं कीं, तो पूरी अयोध्या धन्य हो गई। उनकी चंचल अदाओं और मोहक मुस्कान से हर मन भक्तिभाव से सराबोर हो जाता है। यह भजन हमें उनके बाल स्वरूप की भव्यता का अनुभव कराता है।
Khele Ram Lala Raghurai Dashrath Ji Ke Angna Me
खेले राम लला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में,
दशरथ जी के अंगना में,
झूले चंदन पलना में,
खेलें रामलला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में।1।
राम लला की सूरत न्यारी,
कोटि मदन गए बलिहारी,
चलगत लागे प्यारी प्यारी,
मात कौशल्या जाए वारी,
नूपुर की झनकार,
बजे हरि के पैजनिया में,
खेलें रामलला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में।2।
खेले संग में चारों भैया,
भीनी बहती है पुरवैया,
सरयू तीर कदम की छैया,
सुर नर मुनि जन लेत बलैया,
राम नाम नवनीत लग्यो,
भक्तन की रसना में,
खेलें रामलला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में।3।
खेले राम लला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में,
दशरथ जी के अंगना में,
झूले चंदन पलना में,
खेलें रामलला रघुराई,
दशरथ जी के अंगना में।4।
श्रीराम का बाल स्वरूप सबसे मनोहर और सुखदायक है। जब हम उन्हें अपने हृदय में खेलते हुए अनुभव करते हैं, तो हमारा जीवन आनंद से भर जाता है। यदि यह भजन आपके मन में श्रीराम के प्रति और प्रेम और भक्ति जागृत कर रहा है, तो आप छोटे से ये राम लला मेरे अंगना में डोले रे, राम लला जब आएँगे खुल जायेंगे सोए भाग मेरे, अयोध्या के राजा राम अयोध्या में आ गए, और राम जी ने शबरी के खाए झूठे बेर जैसे अन्य भजन और लेख भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile