श्री राम अपनी मूरत से मुस्कुरा रहे है

जब भी हम श्रीराम की छवि को निहारते हैं, मन में एक असीम शांति और आनंद का अनुभव होता है। श्री राम अपनी मूरत से मुस्कुरा रहे हैं भजन इस दिव्य अनुभूति को शब्दों में संजोता है। यह भजन हमें बताता है कि प्रभु श्रीराम की मुस्कान उनके भक्तों के लिए आशीर्वाद स्वरूप है। उनकी मधुर मुस्कान हमारे जीवन के समस्त कष्टों को हर लेती है और हमें भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

Shri Ram Apni Murat Se Muskura Rahe Hai

श्री राम अपनी मूरत से,
मुस्कुरा रहे है,
क्या बात इस देश की,
गरिमा बढ़ा रहे है,
श्री राम अपनी मुरत से,
मुस्कुरा रहे है।।

जिस जन्म भूमि खातिर,
सोने की लंका छोड़ें,
उस भूमि से भला फिर,
कैसे वो नाता तोड़े,
यह बात हम सभी को,
फिर से बता रहे है,
श्री राम अपनी मुरत से,
मुस्कुरा रहे है।।

हम राम के रहे है,
हम राम के रहेंगे,
पहले भी कह रहे थे,
हम आज भी कहेंगे,
लो देख लो दिवाली,
फिर से मना रहे है,
श्री राम अपनी मुरत से,
मुस्कुरा रहे है।।

जिसने रचा है सृष्टी,
वह क्या नहीं कर सकते,
बस देर है लगाते,
सब कुछ वही तो करते,
यह राम कि कृपा है,
‘हरिवंश’ गा रहे है,
श्री राम अपनी मुरत से,
मुस्कुरा रहे है।।

श्री राम अपनी मूरत से,
मुस्कुरा रहे है,
क्या बात इस देश की,
गरिमा बढ़ा रहे है,
श्री राम अपनी मुरत से,
मुस्कुरा रहे है।।

श्रीराम की मुस्कान केवल एक छवि नहीं, बल्कि भक्तों के लिए संजीवनी है। जब हम सच्चे हृदय से उनका ध्यान करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो वे स्वयं हमें आश्वासन दे रहे हों कि वे सदा हमारे साथ हैं। यदि यह भजन आपको श्रीराम की भक्ति में डुबो रहा है, तो आप राम का गुणगान करिए, जन जन में श्री राम बसे संग पवन पुत्र हनुमान में, राम जी के शरण में चले आइए, और छोड़कर सारे पागलपन राम गुण गा ले मेरे मन जैसे अन्य भजन और लेख भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

Leave a comment