भक्त जब श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित हो जाता है, तो हर दुख और हर सवाल का जवाब वहीं मिल जाता है। प्रेम, भक्ति और आस्था से भरा भजन सुना है तेरे दर पे आके मोहन इसी भावना को प्रकट करता है। यह भजन एक भक्त की विनम्र पुकार है, जो श्रीकृष्ण के दरबार में अपने मन की व्यथा लेकर आता है, क्योंकि उसे विश्वास है कि मोहन उसकी हर पुकार सुनते हैं। आइए, इस भजन के शब्दों में श्रीकृष्ण की असीम कृपा का अनुभव करें।
Suna Hai Tere Dar Pe Aake Mohan
सुना है तेरे दर पे आके मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है,
तुम्हारे दर्शन को मुरली वाले,
हमारी आंखे तरस रही है,
सुना हैं तेरे दर पे आकें मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है।1।
झुकी है पलके भरे है आंसू,
कभी तो होगा मिलन ये सोचूं,
उठाओ पर्दा ए मुरली वाले,
हमारी सांसे ठहर रही है,
सुना हैं तेरे दर पे आकें मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है।2।
कहूंगा मैं तुमसे अपने दिल की,
तुम्हारी बाते तुम्ही से होगी,
तुम्हारे भक्तों की भीड़ मोहन,
वृंदावन में पहुंच रही है,
सुना हैं तेरे दर पे आकें मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है।3।
ये धन ये दौलत ये बंगला गाड़ी,
और एक तरफ है तेरी सेवादारी,
जिसके हो मांझी तुम मुरली वाले,
उसको भंवर की चिंता नहीं है,
सुना हैं तेरे दर पे आकें मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है।4।
सुना है तेरे दर पे आके मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है,
तुम्हारे दर्शन को मुरली वाले,
हमारी आंखे तरस रही है,
सुना हैं तेरे दर पे आकें मोहन,
किस्मत सबकी संवर रही है।5।
श्रीकृष्ण का दरबार प्रेमियों के लिए खुला है—जो भी सच्चे मन से पुकारता है, वे उसे अपनाते हैं। उनकी भक्ति में समर्पण ही सबसे बड़ा वरदान है। ऐसे ही भावपूर्ण भजनों को पढ़ें और करें, जैसे मुझको तो मेरे श्याम धणी का प्यार चाहिए, श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, कौन कहता है भगवान आते नहीं और गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, जिससे कृष्ण प्रेम की अनुभूति और गहरी हो जाए। ????????