अखियां खोलो तो हरी भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम अपनी आँखों को सत्य, भक्ति और भगवान की कृपा से खोलते हैं, तो हम जीवन के वास्तविक अर्थ को समझ पाते हैं। यह भजन एक आह्वान है कि भगवान श्री हरी की उपासना और ध्यान में हमारी आँखें और हमारा मन जागृत हो, ताकि हम संसार के छल और भ्रम से बाहर निकलकर सच्चे आत्मिक सुख की ओर बढ़ सकें।
Akhiyan Kholo To Hari
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस आई,
देवउठनी ग्यारस आई शुभ मंगल ग्यारस आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथों में मेरे गंगाजल लोटा,
अखियां खोलो तो हरी तुमरे चरण दिलाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथ में मेरे चंदन कटोरी,
अखियां खोलो तो हरी मैं तो तिलक लगाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथ में मेरे फूलों की माला,
अखियां खोलो तो हरी मैं तो हार पहनाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथ में मेरे पीला पितांबर,
अखियां खोलो तो हरी मैं तुम्हें पहनाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथ में मेरे भोगों की थाली,
अखियां खोलो तो हरी मैं भोग लगाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
हाथ में मेरे ढोलक मजीरा,
जागो जागो रे हरी मैं तुम्हें जगाने आई,
अखियां खोलो तो हरी देवउठनी ग्यारस है…..
अखियां खोलो तो हरी भजन हमें यह प्रेरणा देता है कि भगवान की भक्ति में पूरी श्रद्धा और विश्वास से लीन होकर हम अपनी आँखें और मन को दिव्य दृष्टि से खोल सकते हैं। इस भजन के माध्यम से हम जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होते हैं। इस भक्ति रस को और गहराई से अनुभव करने के लिए आप श्री हरि की महिमा अपार, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, नारायण, नारायण जय गोविंद हरे और संकट हरन श्री विष्णु जी जैसे अन्य भजनों का भी पाठ करें और भगवान विष्णु की कृपा का अनुभव करें। ????????