मेरे घर के ऊपर तेरी मोरछड़ी का साया

भक्तों, जब जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, तो हमें बस एक ही आसरा याद आता है—हमारे खाटू श्याम बाबा का! उनकी कृपा की छाया जिस पर पड़ जाए, उसे फिर किसी भय की आवश्यकता नहीं होती। आज हम आपके लिए एक अत्यंत भावनात्मक भजन मेरे घर के ऊपर तेरी मोरछड़ी का साया लेकर आए हैं। आइए, इस भजन के भावों को समझें और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

Mere Ghar Ke Upar Teri Morchhadi Ka Saya

मेरे घर के ऊपर तेरी, मोरछडी का साया हो,
तेरी मोरछडी का झाडा, छाया जैसा लगता हो,
मेरे घर के ऊपर तेरी…

बन्द पड़ी किस्मत का ताला, मोरछडी से खुल जाता-2,
सोई किस्मत जग जाती, वो पल में बन जाता राजा-2,
झाडा खाले मोरछडी का कंचन काया हो तेरी,
मेरे घर के ऊपर तेरी…

मोरछडी झाड़ा ऐसा, मेरे मनको हैं भाता-2
झाडा खाकर मोरछडी का, मेरा मन भी है गाता-2
गुण गाऊ में मोरछडी का, जीवन की ये अभिलाषा,
मेरे घर के ऊपर तेरी…

जब तक जीवन मेरा बाबा, रोज करू तेरी सेवा-2
सेवा ऐसी मिली है मुझको, जीवन हो यापन मेरा-2
सागर तेरी कृपा चाहे, बस इतनी से हो अभिलाषा,
मेरे घर के ऊपर तेरी…

श्याम बाबा की मोरछड़ी की छाया जिसे मिल जाए, वह हर विपत्ति से मुक्त हो जाता है। उनकी कृपा अनंत है, और यह भजन हमें इस सत्य को महसूस कराता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “श्याम तेरी बंसी पुकारे , तेरी राहों में फूल बिछा दूँ , श्याम धणी से प्रीत लगा ली , और “मेरा श्याम सलोना” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में खो जाएं।

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