भोले का खजाना लूट रहा रे भजन लिरिक्स

शिव जी की भक्ति में वह आनंद और सौभाग्य है, जिसे पाने के लिए हर भक्त लालायित रहता है। भोले का खजाना लूट रहा रे भजन इसी भावना को प्रकट करता है कि जो भी भोलेनाथ की भक्ति में लीन होता है, वह उनके कृपा के खजाने से भरपूर हो जाता है। यह भजन हमें शिव भक्ति के अनमोल खजाने की महिमा का एहसास कराता है।

Bhole Ka Khajana Lut Raha Re Bhajan Lyrics

लूट रहा लूट रहा लूट रहा रे,
भोले का खजाना लूट रहा रे,
लूट रहा, लूट रहा, लूट रहा रे,
बाबा का खजाना लुट रहा रे।1।

लूट सके तो लूट ले बन्दे,
काहे देरी करता है,
ऐसा मौका फिर ना मिलेगा,
सबकी झोली भरता है,
इसकी शरण में आकर के,
बाबा की शरण में आकर के,
जो कुछ भी माँगा मिल गया रे,
लूट रहा, लूट रहा, लूट रहा रे,
भोले का खजाना लुट रहा रे।2।

हाथों हाथ मिलेगा परचा,
ये दरबार निराला है,
घर घर पूजा हो कलयुग में,
भक्तों का रखवाला है,
जिसने भी इनका नाम लिया,
जिसने भी इनका नाम लिया,
किस्मत का ताला खुल गया रे,
लूट रहा, लूट रहा, लूट रहा रे,
भोले का खजाना लुट रहा रे।3।

इसके जैसा इस दुनिया में,
कोई भी दरबार नहीं,
ऐसा दयालु ‘बनवारी’ ये,
करता कभी इंकार नहीं,
कौन है ऐसा दुनिया में,
कौन है ऐसा दुनिया में,
जिसको ये बाबा नट गया रे,
लूट रहा, लूट रहा, लूट रहा रे,
भोले का खजाना लुट रहा रे।4।

लूट रहा लूट रहा लूट रहा रे,
भोले का खजाना लूट रहा रे,
लूट रहा, लूट रहा, लूट रहा रे,
बाबा का खजाना लुट रहा रे।5।

“भोले का खजाना लूट रहा रे” भजन करने से यह अनुभव होता है कि शिव जी की भक्ति ही सबसे बड़ा धन है। जो भी इस भक्ति के मार्ग पर चलता है, वह हर दुख और कष्ट से मुक्त हो जाता है। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, जय शिव ओंकारा आरती, और महामृत्युंजय मंत्र भी करें। ये सभी भजन हमें शिव जी की कृपा का अनुभव कराते हैं और उनकी भक्ति में डूबने का अवसर देते हैं। ????✨

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