मैं थारा दर आवा जी मैं भोले नू मनावा जी

शिव भक्तों की आस्था अटूट होती है, और जब कोई श्रद्धालु सच्चे मन से भोलेनाथ के दर पर आता है, तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। मैं थारा दर आवा जी मैं भोले नू मनावा जी भजन इसी भक्ति भाव को व्यक्त करता है। यह भजन हमें उस दिव्य अनुभव से जोड़ता है, जब एक भक्त अपने आराध्य के चरणों में समर्पण करता है और महादेव की कृपा प्राप्त करता है।

Main Thara Dar Aava Ji Bhole Nu Manava Ji

मैं थारा दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी,
तू कर बेड़ा पार मेरा,
रहेगा उपकार तेरा,
तू ही तो संसार मेरा,
मै थारां दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी।1।

जब भी तेरे दर पे आया,
तूने गले से लगाया,
मेरे दुख डर ओर भरम को,
पल में दूर भगाया,
सूनले मेरी,,
इतनी दुआ करदे इशारा,
तू कर बेड़ा पार मेरा,
रहेगा उपकर तेरा,
तू ही तो संसार मेरा,
मै थारां दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी।2।

उज्जैन नगरी शिप्रा तीरथ,
जग में सबसे प्यारा,
अब क्या डरना इस दुनिया स,
जब है साथ तुम्हारा,
सूनले मेरी,,
इतनी दुआ करदे इशारा,
तू कर बेड़ा पार मेरा,
रहेगा उपकर तेरा,
तू ही तो संसार मेरा,
मै थारां दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी।3।

मैं थारा दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी,
तू कर बेड़ा पार मेरा,
रहेगा उपकार तेरा,
तू ही तो संसार मेरा,
मै थारां दर आवा जी,
मैं भोले नू मनावा जी।4।

भोलेनाथ अपने भक्तों की सच्ची पुकार अवश्य सुनते हैं और उन पर अपार कृपा बरसाते हैं। “मैं थारा दर आवा जी मैं भोले नू मनावा जी” भजन की तरह “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “शिव का जपले नाम क्या लागे तेरा” और “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी” जैसे भजन भी हमें शिवजी की भक्ति की शक्ति का अनुभव कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और शिव की अपार कृपा प्राप्त करें। ????????

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