भगवान शिव, जो त्रिपुरारी और भोले भंडारी के रूप में पूजे जाते हैं, संहार और सृजन दोनों के स्वामी हैं। शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी भजन हमें महादेव की उस शक्ति का अनुभव कराता है, जिससे उन्होंने त्रिपुरासुर का अंत कर भक्तों की रक्षा की। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा लगता है मानो स्वयं भोलेनाथ हमें अपनी कृपा से अभयदान दे रहे हों और हमारी समस्त परेशानियों का निवारण कर रहे हों।
Shiv Tripurari Mere Bhole Bhandari
सारे भक्तों के प्यारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी,
नाम दुनिया पुकारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी।1।
जो प्रेम से इनके गुणगान गाए,
भोले दयालु है करुणा लुटाए,
देते हरदम सहारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी।2।
शिव को मनाने आता है सावन,
जो बेल पाती चढ़ाए ‘निरंजन’,
कष्ट सबके उतारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी।3।
सारे भक्तों के प्यारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी,
नाम दुनिया पुकारे है,
शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी।4।
शिवजी की भक्ति से मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है, और उनके नाम का जाप सभी संकटों से मुक्ति दिलाता है। “शिव त्रिपुरारी मेरे भोले भंडारी” भजन की तरह “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, और “शिव का जपले नाम क्या लागे तेरा” जैसे भजन भी हमें शिवजी की अपार महिमा का अनुभव कराते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile