जीवन के इस भंवर में, जहां दुख और कष्ट की लहरें कभी भी हमें बहा सकती हैं, वहां केवल भोलेनाथ का सहारा ही हमें बचा सकता है। “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता” भजन इस अटूट विश्वास और भक्ति का प्रतीक है, जो हमें यह एहसास कराता है कि शिवजी हर परिस्थिति में अपने भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं।
Bholenath Ne Pakda Hath Nahin To Main Bah Jata
भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता,
बह जाता मैं बह जाता,
बीच भवर में रह जाता,
भोले नाथ ने पकडा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता।1।
शिव की माया शिव ही जाने,
मैं तो सोऊं खुटी ताने,
महादेव ने रख ली लाज,
नहीं तो मैं बह जाता,
भोले नाथ ने पकडा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता।2।
शिव के रहते डरना क्या है,
शिव जाने कब करना क्या है,
मुझे मिला प्रभु का साथ,
नहीं तो मैं बह जाता,
भोले नाथ ने पकडा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता।3।
‘उर्मिल’ नींद में मैं सोया था,
भव सागर में भटक गया था,
मैं बन गया शिव का दास,
नहीं तो मैं बह जाता,
भोले नाथ ने पकडा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता।4।
भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता,
बह जाता मैं बह जाता,
बीच भवर में रह जाता,
भोले नाथ ने पकडा हाथ,
नहीं तो मैं बह जाता।5।
भोलेनाथ अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते, जो भी सच्चे मन से उन्हें पुकारता है, वे उसका मार्गदर्शन अवश्य करते हैं। “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता” भजन की तरह “हमको तो बस भोलेनाथ चाहिए”, “महाकाल जपते जपते दौड़ा चला मैं आऊं”, “हर हर महादेव बम बम बोले” और “शिव शंभू जय शंकर” जैसे भजन भी हमें शिवजी की अटूट कृपा और भक्ति का अनुभव कराते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव की कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile