शीतल कर मन मेरा ओ माता शीतले लिरिक्स

जब जीवन में दुखों की तपिश बढ़ने लगे और मन अशांत हो जाए, तब माँ शीतला के चरणों में बैठकर उनकी कृपा का स्मरण करना ही सबसे बड़ा संबल होता है। शीतल कर मन मेरा, ओ माता शीतले भजन माँ शीतला की शीतल कृपा और उनकी अपार दया को समर्पित है। माँ शीतला न केवल शारीरिक कष्टों को दूर करती हैं, बल्कि हमारे मन और आत्मा को भी शांति और सुख प्रदान करती हैं। यह भजन हमें उनकी महिमा का गुणगान करने और उनकी छत्रछाया में जीवन का मार्ग प्रशस्त करने की प्रेरणा देता है।

Sheetal Kar Man Mera O Mata Sheetale

काम क्रोध की ज्वाला,
है चारों ओर जले,
शीतल कर मन मेरा,
ओ माता शीतले।1।

हाथ में झाड़ू लेकर,
जग को बताया,
गन्दगी का करना होगा,
हर पल सफाया,
सुचिता बिन ये जीवन,
एक पल भी ना चले,
शितल कर मन मेरा,
ओ माता शीतले।2।

सांचे ह्रदय से जिसने,
जब भी पुकारा,
दौड़ी दौड़ी आई हो तुम,
दिया है सहारा,
नाम तेरा लेते ही,
सब संकट कष्ट टले,
शितल कर मन मेरा,
ओ माता शीतले।3।

लाखो करोड़ो जन की,
विपदा है टाली,
तेरे दर पे आ के कोई,
जाए ना खाली,
सबकी अर्जी सुनती,
जो कहना है कहले,
शितल कर मन मेरा,
ओ माता शीतले।4।

काम क्रोध की ज्वाला,
है चारों ओर जले,
शीतल कर मन मेरा,
ओ माता शीतले।5।

यदि आपको यह भजन शांति और भक्ति का अनुभव कराता है, तो चलो वैष्णव माता के द्वार भजन भी जरूर सुनें, जो हमें माँ के दरबार की यात्रा पर ले जाता है और उनकी दिव्य कृपा का अनुभव कराता है। भक्ति के इस मार्ग पर आगे बढ़ते रहें और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें। जय माता दी! ????✨

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