जब इंसान के जीवन में दुख और कष्ट बढ़ जाते हैं, तब एकमात्र सहारा माँ दुर्गा का पावन दरबार होता है। जबसे मैया जी तेरा द्वार मिला भजन इसी दिव्य अनुभूति का सजीव चित्रण करता है। यह भजन माँ के चरणों में अटूट भक्ति और शरणागत भाव को दर्शाता है, जब भक्त को माँ की कृपा का आभास होता है और उसके जीवन की हर मुश्किल राह आसान लगने लगती है। आइए, इस भावपूर्ण भजन के जरिए माँ की महिमा का गुणगान करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।
Jabse Maiya Ji Tera Dwar Mila
जबसे मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला,
चरणों का तेरे मैंने अमृत पिया,
जब से मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला।1।
सबको बताऊं मैं हर्षाऊँ,
माँ ने बदल डाली दुनिया,
गले से लगाया मुझे दिखलाया,
मतलब की ये दुनिया,
दर पे बुला के खूब दिया,
जब से मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला।2।
जब मेरी मैया पकड़े हैं बईयाँ,
आए नहीं दुख जीवन में,
जब लहराए चुनरी की छइयाँ,
रहे नहीं कोई संकट में,
सर को झुका मैंने वंदन किया,
जब से मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला।3।
मेरी हर सांसे नाम है तेरे,
जैसे चला ले मुझको,
मन में मेरे भाव बहुत है,
पढ़ना होगा तुझको,
‘स्मिता’ पे तूने जादू किया,
जब से मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला।4।
जबसे मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला,
चरणों का तेरे मैंने अमृत पिया,
जब से मैया जी तेरा द्वार मिला,
खिला खिला खिला मेरा मन खिला।5।
माँ का दरबार मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाता है, क्योंकि उनकी कृपा से हर संकट समाप्त हो जाता है। इसी तरह के भक्तिमय भजनों में जय दुर्गे दुर्गा भवानी अष्ट भुजा वाली माता भी माँ की अनंत महिमा का बखान करता है। अगर आप माँ की भक्ति में लीन रहना चाहते हैं, तो हमारे संग्रह में और भी सुंदर भजन सुनें और माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। जय माता दी! ????✨