जब भक्त माँ शेरावाली का गुणगान करते हैं, तो उनकी भक्ति और श्रद्धा और प्रबल हो जाती है। “शेरावाली शेरावाली सिंह पे सवार” भजन माँ की महिमा और उनकी दिव्य शक्ति का बखान करता है। यह भजन भक्तों के मन में माँ के प्रति अटूट विश्वास और प्रेम को दर्शाता है, जो हर संकट से बचाने वाली और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाली हैं।
Sheravali Sheravali Sinh Pe Savar
शेरावाली शेरावाली सिंह पे सवार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार।1।
बड़ी दूर से मैया चल के आया,
दर्शन की अभिलाषा लाया,
खोली ओ मैया तुम प्रेम के किवाड़,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार।2।
भक्त भी तारे तूने संत भी तारे,
भक्त भी तारे तूने संत भी तारे,
तारे हैं मैया तूने पापी हजार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार।3।
जो कोई मैया तेरे दर पे आये,
खाली हाथ कबहु ना जावे,
जीवन में भर दो माँ खुशियां अपार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार।4।
शेरावाली शेरावाली सिंह पे सवार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार,
दर्शन दो जगदंबे हो रही आवार।5।
माँ शेरावाली अपने भक्तों की पुकार सुनकर सदा उनकी रक्षा करती हैं और उनका कल्याण करती हैं। “शेरावाली शेरावाली सिंह पे सवार” भजन हमें माँ के प्रति समर्पण और भक्ति का संदेश देता है। यदि यह भजन आपके मन को माँ की भक्ति से भर रहा है, तो “[माँ अम्बे हर साल यूँ ही घर मेरे आते रहना]” जैसे अन्य भक्तिमय भजन भी अवश्य सुनें और माँ की कृपा प्राप्त करें। जय माता दी! ????✨