सारा जग है प्रीत पराई माँ का चरण सुखधाम – लिरिक्स

इस संसार की मोह-माया में जब कोई भी अपना नहीं लगता, तब माँ दुर्गा का आश्रय ही एकमात्र सच्चा सहारा बनता है। सारा जग है प्रीत पराई, माँ का चरण सुखधाम भजन इसी सत्य को प्रकट करता है कि माँ के चरणों में ही असली शांति और सुख मिलता है। यह भजन भक्तों के मन को माँ की अपार करुणा और ममता का अनुभव कराता है, जिससे वे हर दुख और संकट को भूलकर उनके चरणों में शरण ले सकें। जब भी मन व्याकुल हो, माँ की भक्ति ही उसे सुकून प्रदान करती है।

Sara Jag Hai Prit Parayi Maa Ka Charan Sukhdham

शत शत वंदन माँ चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम,
सारा जग है प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम,
सारा जग हैं प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम।1।

कष्ट पड़े जब देवों पे माँ,
तूने लाज बचाई,
जब जब पाप बढ़े धरती पर,
रूप बदलकर आई,
अष्टभुजी माँ विंध्यवासिनी,
दुर्गा तू ही कहाई,
पाप नाशिनी मैया करती,
भक्तों के शुभ काम,
सारा जग हैं प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम।2।

शस्त्र को धारण करने वाली,
जगदम्बा तू महान,
सिंह वाहिनी मैया तू,
भक्तों की बढ़ाती शान,
सब पर सुख बरसा के मैया,
करती दया की दान,
कष्ट मिटा के दूर करो माँ,
काली घटा की शान,
सारा जग हैं प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम।3।

तेरी चरण धूलि तो मैया,
सोए भाग्य जगाए,
तेरी कृपा दृष्टि से अम्बे,
जीवन में सुख आए,
नवदुर्गा नवरूप तेरे,
तू शिवशक्ति कहलाए,
सुन्दर रूप स्वरूपों वाली,
सभी जपे तेरा नाम,
सारा जग हैं प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम।4।

शत शत वंदन माँ चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम,
सारा जग है प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम,
सारा जग हैं प्रीत पराई,
माँ का चरण सुखधाम।5।

माँ का प्रेम निःस्वार्थ और अटूट है। जब यह संसार हमें ठुकरा भी दे, तब भी माँ अपनी कृपा की छाया में हमें संभाल लेती हैं। “सारा जग है प्रीत पराई, माँ का चरण सुखधाम” भजन हमें यही सिखाता है कि यदि जीवन में सच्ची शांति और आनंद चाहिए, तो माँ के चरणों की भक्ति से बड़ा कोई मार्ग नहीं। यदि इस भजन ने आपके हृदय को माँ की भक्ति से भर दिया है, तो “[आयो आयो नवरात्र बड़ो प्यारो]” जैसे अन्य भजन भी अवश्य सुनें और माँ की कृपा का अनुभव करें। जय माता दी! ????✨

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