जागरण की रात मईया, आज तुम्हें आना है भजन भक्तों की अटूट श्रद्धा और मां दुर्गा के प्रति उनकी प्रेमपूर्ण पुकार को दर्शाता है। जब भक्त पूरी रात जागकर मां का गुणगान करते हैं, तो उनके मन में केवल एक ही कामना होती है—मां स्वयं पधारें और अपनी कृपा की वर्षा करें। यह भजन भक्तों की आस्था, प्रेम और भक्ति की शक्ति को दर्शाता है, जो मां को अपने दर पर बुलाने की ताकत रखती है। आइए, इस भक्तिमय रचना के माध्यम से मां के आगमन की प्रतीक्षा करें और उनकी भक्ति में लीन हों।
Jagran Ki Rat Maiya Aaj Tumhe Aane Hai
जागरण की रात मईया,
आज तुम्हें आना है,
जागरण की रात।।
हम सब ने मिलकर के,
दरबार सजाया है,
पधारो शेरोवाली,
तेरे दर पर आकर के,
माँ जोत जलाई है,
माँ आओ जोतावाली,
मां लाल चुनरिया से,
तेरे रूप को सजाया है,
तुम्हे भोग लगाया है,
जागरण की रात मैया,
आज तुम्हें आना है,
जागरण की रात।1।
बड़े भाव से हमने,
तुमको बुलाया है,
भवानी आओ,
तेरे कदमों में मैया,
सर को झुकाया है,
भवानी आओ ना,
जगराते में आज,
मैया तेरे गुण गाना है,
अरदास लगाना है,
जागरण की रात मैया,
आज तुम्हें आना है,
जागरण की रात।2।
भक्तों में छाई है,
माँ आज खुशहाली,
शरण में आपके,
मस्ती में झूमे है,
तेरे चरण चूमे है,
कृपा से आपकी,
तेरा दर्शन आज,
मैया हमको भी तो पाना है,
तुम्हे अर्जी लगाना है,
जागरण की रात मैया,
आज तुम्हें आना है,
जागरण की रात।3।
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मां दुर्गा अपने भक्तों की पुकार कभी अनसुनी नहीं करतीं। जब प्रेम और भक्ति सच्चे हों, तो मां अवश्य आती हैं और अपने भक्तों को दर्शन देती हैं। यदि यह भजन आपकी श्रद्धा को और गहरा बना रहा है, तो आपको [“क्या दुनिया तुझे सताएगी माता”](दूसरे भजन का लिंक डालें) भजन भी अवश्य सुनना चाहिए, जिसमें भक्त की व्यथा और मां की असीम ममता का सुंदर चित्रण किया गया है। आइए, भक्ति की इस मधुर धारा में बहें और मां के चरणों में अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करें। जय माता दी! ????