रानी सती दादी जी को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है, जिनकी महिमा युगों-युगों से भक्तगण गाते आ रहे हैं। ये जग की मात है रानी सती दादी भजन उनकी अपार शक्ति, भक्तों पर कृपा और उनके दिव्य स्वरूप का सुंदर गुणगान करता है। जब भी कोई भक्त सच्चे मन से रानी सती दादी का स्मरण करता है, तो वे उसकी हर मनोकामना पूर्ण करती हैं और अपने आशीर्वाद से जीवन को संवार देती हैं।
Ye Jag Ki Maat Hai Rani Sati Dadi Bhajan
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है,
जी चाहे जो भी मांगल्यो,
ये जग की मात है,
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है।1।
बैठी है दादीजी लगाके दरबार,
गूंज रही चहुं ओर माँ की जय जयकार,
दुखिया पुकारे दादी मेहर करो,
जो भी तुझे ध्यावे भण्डार भरो,
छोटी सी आस है मेरी,
छोटी सी बात है,
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है।2।
जग में निराला दादी तेज तेरा,
काँहे अँधियारा मैया मनवा मेरा,
सबके भण्डार भरो अन्न-धन से,
मुझे क्यों भुलाया दादी निज मन से,
आखिर खता है क्या मेरी,
क्यूँ दुःख का साथ है,
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है।3।
इतनी कृपा तो दादी हम पे करो,
भजनों में लगा रहूँ विपदा हरो,
हाँथों में उठाल्यो थारो मेंहदी बनूँ,
चरणां लगाल्यो थारी पैजणी बणू,
चरणों में निखरे ‘मगन’,
मन की ये साध है,
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है।4।
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है,
जी चाहे जो भी मांगल्यो,
ये जग की मात है,
साँचो दरबार लग्यो,
और किर्तन की रात है।5।
रानी सती दादी जी का आशीर्वाद पाने के लिए सच्चे मन से उनकी भक्ति करना ही पर्याप्त है। “ये जग की मात है रानी सती दादी” भजन हमें उनके अद्भुत चमत्कारों और भक्तों के प्रति उनकी असीम करुणा की याद दिलाता है। अगर यह भजन आपको भक्ति भाव से भर देता है, तो “ओ मेरी शेरा वाली मईयां, आजा एक बार दर्श दिखा” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ के दिव्य दर्शन की महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है।