भक्त जब सच्चे मन से माँ लक्ष्मी का आह्वान करता है, तो उसकी पुकार व्यर्थ नहीं जाती। माँ लक्ष्मी करो कृपा, अब और ना तरसाओ भजन में यही भाव प्रकट होता है, जहाँ भक्त माँ से विनती करता है कि वे अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ लक्ष्मी से अपने जीवन को मंगलमय बनाने की प्रार्थना करें।
Maa Lakshami Karo Kripa Ab Aur Na Tarsao
माँ लक्ष्मी करो किरपा,
अब और ना तरसाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ।1।
हम जन्मों से प्यासे,
तुम करुणा की सागर,
कुछ बूंदों से ही माँ,
भर जाए मेरी गागर,
दुःख दूर करो मेरे,
मुझको ना बिसराओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ।2।
अंगना बुहारेंगे,
पलकें बिछाएंगे,
तेरे स्वागत में मैया,
हम दीप जलाएंगे,
धन वैभव मैया जी,
आकर के बरसाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ।3।
तुझसे है जग रोशन,
तुझसे ही दिवाली,
कहे ‘शिवम’ बिन तेरे,
हर रातें है काली,
खुशियों का जीवन में,
सूरज ऊगा जाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ।4।
माँ लक्ष्मी करो किरपा,
अब और ना तरसाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ,
छम छम करती मैया,
मेरे घर में आ जाओ।5।
माँ लक्ष्मी की कृपा जब बरसती है, तो जीवन में खुशहाली और शांति आ जाती है। माँ लक्ष्मी करो कृपा, अब और ना तरसाओ भजन उसी भक्तिपूर्ण भाव को दर्शाता है, जिसमें भक्त माँ से अपने जीवन को धन-धान्य से भरने की विनती करता है। यदि यह भजन आपको भक्ति में तल्लीन कर देता है, तो “मैया लक्ष्मी पधारो द्वार, भरे यश वैभव से भंडार” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ लक्ष्मी के आगमन से जीवन में सुख-समृद्धि की वर्षा होने की भावना प्रकट की गई है।