जब भक्त माँ की कृपा और आशीर्वाद को अनुभव करता है, तो उसे यह विश्वास हो जाता है कि माँ अवश्य आएँगी और उसकी सारी परेशानियाँ दूर करेंगी। मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी मैया आएगी भजन इसी अटूट श्रद्धा और माँ की कृपा का प्रतीक है, जहाँ भक्त माँ के आगमन की प्रतीक्षा करता है और उनकी चरण रज को अपने जीवन का सबसे बड़ा सुख मानता है। आइए, इस भजन के साथ माँ का स्वागत करें।
Mere Sar Pe Chunariya Lehrayegi Maiya Aayegi
मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी,
मैया आएगी,
ओ मैया आएगी मेरी,
मैया आएगी,
खुशियों से झोली आज मेरी,
भर जाएगी मैया आएगी।1।
मैं तो फूलों से अंगना सजाऊंगी,
पलको पर माँ को बिठाउंगी,
सोई किस्मत आज मेरी जग जाएगी,
मैया आएगी,
ओ मैया आएगी मेरी,
मैया आएगी,
खुशियों से झोली आज मेरी,
भर जाएगी मैया आएगी।2।
माँ के हाथों में मेहंदी रचाऊंगी,
मां को लाल लाल चुनरी ओढ़ाउंगी,
ओढ़ चुनरी भवानी खुश हो जाएगी,
मैया आएगी,
ओ मैया आएगी मेरी,
मैया आएगी,
खुशियों से झोली आज मेरी,
भर जाएगी मैया आएगी।3।
असुवन से मैं चरण पखारूंगी,
जी भर कर माँ को निहारूंगी,
‘सौरभ मधुकर’ माँ नहीं रुक पाएगी,
मैया आएगी,
ओ मैया आएगी मेरी,
मैया आएगी,
खुशियों से झोली आज मेरी,
भर जाएगी मैया आएगी।4।
मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी,
मैया आएगी,
ओ मैया आएगी मेरी,
मैया आएगी,
खुशियों से झोली आज मेरी,
भर जाएगी मैया आएगी।5।
माँ की कृपा जब बरसती है, तो भक्त के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आ जाती है। मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी मैया आएगी भजन माँ के प्रेम और उनके स्नेहपूर्ण आशीर्वाद का सुंदर चित्रण करता है। यदि यह भजन आपको भक्ति-भाव से भर देता है, तो “घर में पधारो मैया रानी मेरे घर में पधारो” भजन भी अवश्य सुनें, जिसमें भक्त माँ से अपने घर आने की प्रार्थना करता है और उनके स्वागत की तैयारी करता है।