स्वागत है माँ भगवती स्वागत है तुम्हारा

जब भी हम माँ भगवती का स्वागत करते हैं, तो हमारे हृदय में आनंद और श्रद्धा की अविरल धारा बहने लगती है। माँ की कृपा से जीवन में सुख-शांति का संचार होता है, और उनके चरणों में हर भक्त को असीम प्रेम और सुरक्षा का एहसास मिलता है। स्वागत है माँ भगवती स्वागत है तुम्हारा भजन इसी भक्ति-भाव को प्रकट करता है, जहाँ भक्त पूरे हृदय से माँ का आह्वान करता है और उनकी दिव्य उपस्थिति का अनुभव करता है। आइए, इस भक्तिमय भावना में डूबकर माँ भगवती का वंदन करें।

Swagat Hai Maa Bhagvati Swagat Hai Tumhara

स्वागत है माँ भगवती,
स्वागत है तुम्हारा,
हाथ जोड़ स्वागत करे,
परिवार हमारा
स्वागत हैं मां भगवती,
स्वागत है तुम्हारा।1।

कब से मन में आस थी,
ये दिन आएगा,
जिस दिन हर कोई रूबरू,
तुझको पाएगा,
आज हुआ हासिल हमें,
दर्शन का नज़ारा,
स्वागत हैं मां भगवती,
स्वागत है तुम्हारा।2।

ज्योत जगाई भाव से,
दरबार सजाया,
जितना हमसे हो सका,
तेरा द्वार सजाया,
ख़ुशियों का मौक़ा यूँ ही,
देना दोबारा,
स्वागत हैं मां भगवती,
स्वागत है तुम्हारा।3।

माँ बच्चों के बीच की,
दूरी मिट जाए,
बस इतना चाहा सदा,
माँ घर में आए,
गदगद है ‘साहिल’ बड़ा,
मैया ने दुलारा,
स्वागत हैं मां भगवती,
स्वागत है तुम्हारा।4।

स्वागत है माँ भगवती,
स्वागत हैं तुम्हारा,
हाथ जोड़ स्वागत करे,
परिवार हमारा
स्वागत हैं मां भगवती,
स्वागत है तुम्हारा।5।

माँ भगवती का स्वागत करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा की पुकार है, जो हमें उनसे जोड़ती है। स्वागत है माँ भगवती स्वागत है तुम्हारा भजन हमें याद दिलाता है कि जब भी हम प्रेम और श्रद्धा से माँ को पुकारते हैं, वे अवश्य आती हैं। यदि यह भजन आपको भक्तिरस से भर देता है, तो “अंबे तू है जगदंबे काली” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ के अद्भुत स्वरूप और उनकी अपार शक्ति का वर्णन है।

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