जय बजरंगी राम के संगी दीनन पर उपकार करो लिरिक्स

“जय बजरंगी राम के संगी, दीनन पर उपकार करो” भजन हनुमान जी की कृपा, करुणा और उनकी भक्त वत्सलता को दर्शाता है। इसमें हनुमान जी को संकटमोचन के रूप में स्मरण किया गया है, जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन पर अपनी कृपा बरसाते हैं। यह भजन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब तक हम सच्चे मन से बजरंगबली का स्मरण करते हैं, तब तक कोई भी विपत्ति हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

Jay Bajarangi Ram Ke Sangi Dinan Par Upakar Karo Lyrics

जय बजरंगी राम के संगी,
दीनन पर उपकार करो,
जो शरणागत है प्रभु तेरी,
उनका बेड़ा पार करो।1।

तुमने सारे उनके कारज,
जिनने तुमको ध्याया,
खाली हाथ नही लौटाया,
द्वार तेरे जो आया,
मैं भी सवाली बनकर आया,
प्रभु कृपा एक बार करो,
जो शरणागत है प्रभु तेरी,
उनका बेड़ा पार करो।2।

लक्ष्मण के प्रभु प्राण उबारे,
धौलागिरी कर धर लाये,
पल भर मे मूर्छा से जागे,
जब वो संजीवनी खाये,
जय हो राम दूत प्रभु तेरी,
सुखी सकल संसार करो,
जो शरणागत है प्रभु तेरी,
उनका बेड़ा पार करो।3।

अति बलधारी प्रभुवर तुम हो,
नाम से सब दुश्मन कापें,
संकट कोई भी छू न पाये,
नाम तेरा जो भी जापे,
‘राजेन्द्र’ तेरी कृपा मांगे,
प्रभु ना अब इंकार करो,
जो शरणागत है प्रभु तेरी,
उनका बेड़ा पार करो।4।

जय बजरंगी राम के संगी,
दीनन पर उपकार करो,
जो शरणागत है प्रभु तेरी,
उनका बेड़ा पार करो।5।

“जय बजरंगी राम के संगी, दीनन पर उपकार करो” भजन न केवल हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है, बल्कि हमें यह भी याद दिलाता है कि वे सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। इनके भजन से हमें सच्चे अर्थों में जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है और वे हमें हर परिस्थिति में अडिग बनाए रखते हैं।

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