“विनती सुन लेना मेरी कब आओगे हनुमान” भजन भक्त की गहरी श्रद्धा और व्याकुलता को व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त हनुमान जी से प्रार्थना करता है कि वे शीघ्र ही उसकी पुकार सुनें और दर्शन देकर उसकी समस्याओं का समाधान करें। यह भजन हमें यह एहसास कराता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती और भगवान भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं।
Vinati Sun Lena Meri Kab Aaoge Hanuman Bhajan Lyrics
विनती सुन लेना मेरी, जोऊं बाटड़ली तेरी,
कब आओगे हनुमान, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।।
जबसे सुनी है तेरे, आने की बातें,
दिन ना कटे है मेरा, ना कटती रातें,
किसको सुनाऊँ अपनी, दुःख भरी बातें,
बिन बोले सब कुछ जाने, मन की हालत पहचाने,
तुम ही रखोगे मेरी आन, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।।
अष्ट प्रहर तेरी, पंथ निहारूं,
करता गुणगान तेरा, तुझको पुकारूँ,
तेरे चरणों में बाला, सब कुछ उबारुं,
मैं भी चरणों का चेरा, बालाजी दास तेरा,
भक्तो का राखो तुम मान, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।।
दर्शन को मनवा तरसे, नैनो से नीर बरसे,
जाने कब दर्शन करके, सूखा मन आँगन हरषे,
अब तो आ जाओ बाला, काहे दुविधा में डाला,
कर दो कृपा भगवान, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।।
विनती सुन लेना मेरी, जोऊं बाटड़ली तेरी,
कब आओगे हनुमान, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।।
“विनती सुन लेना मेरी कब आओगे हनुमान” केवल एक भजन नहीं, बल्कि भक्त के हृदय की पुकार है। यह हमें प्रेरणा देता है कि हम धैर्य और विश्वास बनाए रखें, क्योंकि जब भी हम सच्चे मन से बजरंगबली को पुकारेंगे, वे हमें निराश नहीं करेंगे। हनुमान जी की कृपा से हर भक्त का जीवन उज्ज्वल और सफल बन सकता है।

I am Shri Nath Pandey and I am a priest in a temple, which is located in Varanasi. I have been spending my life worshiping for the last 6 years. I have dedicated my soul completely to the service of God. Our website is a source related to Aarti, Stotra, Chalisa, Mantra, Festivals, Vrat, Rituals, and Sanatan Lifestyle. View Profile