“तूने लंका जलाई करामात हो गई” एक अत्यधिक प्रसिद्ध भजन है जो भगवान हनुमान की वीरता और उनके अद्वितीय कार्यों की महिमा को दर्शाता है। इस भजन में हनुमान जी के द्वारा लंका को जलाने की घटना का वर्णन किया जाता है, जो उनकी शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। यह भजन हर हनुमान भक्त के दिल में श्रद्धा और विश्वास का संचार करता है और यह हमें यह सिखाता है कि सही रास्ते पर चलकर, संकटों का सामना करते हुए, बड़ी से बड़ी मुश्किलों को पार किया जा सकता है।
Tune Lanka Jalai Karamat Ho Gayi Bajan Lyrics
लांघे सात समंदर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलाई,
करामात हो गई,
आये बन के धुरंधर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलायी,
करामात हो गई।1।
बाग़ उजाड़ा सारा नक्शा बिगाड़ा,
लंका को बनाया अखाड़ा,
देख रावण ये नज़ारा ,
हुआ गुस्से में लाल,
स्वर्ण नगरी का मेरी,
किया किसने ये हाल,
आया कहाँ से ये बन्दर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलायी,
करामात हो गई।2।
मेघनाथ आया के बंदी बनाया,
दरबार में बजरंग लाया,
देख कैसा तुझे,
दंड देते हैं हम,
पूँछ इसकी जला दो,
ये सुनाया हुकुम,
उड़ गए पूँछ जली लेकर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलायी,
करामात हो गई।3।
लंका जलाई तबाही मचाई,
बजरंग ने शक्ति दिखाई,
भागे भयभीत होके,
राक्षस इधर से उधर,
रखते पैरों को ‘कुंदन’,
थे बजरंग जिधर,
छुप गए सारे अंदर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलायी,
करामात हो गई।4।
लांघे सात समंदर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलाई,
करामात हो गई,
आये बन के धुरंधर,
ओये क्या बात हो गई,
तूने लंका जलायी,
करामात हो गई।5।
इस भजन के जरिए, हनुमान जी की महिमा और उनके अद्वितीय कार्यों को याद करते हुए हम उनके आशीर्वाद की शक्ति का अनुभव करते हैं। हनुमान जी के भजन “हनुमान चालीसा” हमें प्रेरित करता है कि हम भी हनुमान जी की तरह अपने रास्ते पर पूरी आस्था और श्रद्धा से चलें, और जीवन की कठिनाइयों को पार करें।