अवधपति बोले यूँ मुख से सुनो वीर हनुमान भजन लिरिक्स

अवधपति बोले यूँ मुख से सुनो वीर हनुमान एक शक्तिशाली भजन है जो भगवान राम के भक्त हनुमान जी के अद्वितीय बल और भक्ति का वर्णन करता है। इसमें भगवान राम की महिमा और हनुमान जी के अद्वितीय साहस और समर्पण को श्रद्धा से प्रस्तुत किया गया है।

Avadhpati Bole Yu Mukh Se Suno Veer Hanuman Bhajan Lyrics

अवधपति बोले यूँ मुख से,
सुनो वीर हनुमान,
वर्षो बाद पड़ा है तुमसे,
एक जरुरी काम,
धरती पर मानव जाति यूँ,
कर रही हाहाकार,
तुम्हरे काँधे पर धरता,
उनके जीवन का भार,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली।1।

राम रसिक तुम राम नाम,
जपने वालों के सहारे,
राम नाम जो बोले मुख से,
लगते तुमको प्यारे,
राम नाम के सुमिरन से ही,
सुखी हो ये संसार,
तेरे होते हो नहीं सकती,
मेरे भक्तो की हार,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली।2।

आपकी आज्ञा सिरोधार्य है,
संकट काटू सारे,
संकटमोचन नाम दिया प्रभु,
आपने जग ये उचारे,
राम नाम जिनके मुख हो,
उनका बेड़ा हो पार,
कहते यूँ हनुमान करेंगे,
जन जन का कल्याण,
जय बजरंगबली,
करेंगे सबकी भली,
जय बजरंगबली,
करेंगे सबकी भली।3।

अवधपति बोले यूँ मुख से,
सुनो वीर हनुमान,
वर्षो बाद पड़ा है तुमसे,
एक जरुरी काम,
धरती पर मानव जाति यूँ,
कर रही हाहाकार,
तुम्हरे काँधे पर धरता,
उनके जीवन का भार,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली,
के तुम वहां बैठे बलि,
करो हर एक की भली।4।

यह भजन हमें यह सिखाता है कि हनुमान जी की महिमा अपरंपार है और उनकी भक्ति से जीवन के सभी संकट समाप्त हो सकते हैं। जब भी हम उनकी शरण में जाते हैं, वे हमारी हर समस्या का समाधान कर देते हैं। भगवान राम के भक्त हनुमान के गुणों को अपनाकर हम भी अपने जीवन में सफलता और शांति पा सकते हैं।

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